Roobaru Duniya


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जिस तरह काफी समय तक काले घने अँधेरे में चलते रहने के बाद जब कहीं से एक रौशनी की किरण नज़र आती है, तो एक थका-हारा हुआ मनुष्य भी ऊर्जा से भर-कर उस ओर दौड़ने लगता है। वैसा ही वातावरण, कुछ समय से, मुझे अपने आस-पास महसूस हो रहा है। जहाँ “इस देश में कुछ बदलने वाला नहीं है” जैसी नकारात्मक सोच फैली हुई थी, वहाँ कुछ कर गुजरने की आशाएँ मन में पनपने लगी हैं। हमने मिलकर भ्रटाचार के खिलाफ आवाज़ उठाई, निर्भया को न्याय दिलाने हम डटकर खड़े रहे, और इस बार के लोक-सभा चुनावों में हमने साबित कर दिया कि अब हमें सिर्फ विकास चाहिए। युवाओं का मन जोश से भरा हुआ है, और यह सब कोई अचानक नहीं हुआ है, ये उन लोगों की कड़ी मेहनत का नतीजा है जिन्होंने पिछले कई वर्षों में थककर हार नहीं मानी, अपने हालातों के बहाने नहीं बनाये, वरन अपनी कड़ी मेहनत के ज़रिये सफलता प्राप्त कर हम सबको सकारात्मक रौशनी की राह दिखाई है। ये लोग हर तरह से हमारे सामने आये हैं। कभी रूढ़ीबद्ध धारणा को तोड़कर अपने आप को साबित करती मैरीकोम के रूप में, तो कभी परमाणु परीक्षण कर देश का सर गर्व से ऊँचा करने वाले वैज्ञानिको के रूप में। अभी हाल ही में ISRइसरो द्वारा सफलता पूर्वक संपन्न हुए मंगलयान मिशन ने देश को विकास पथ पर काफी आगे ले जाकर खड़ा कर दिया है। इस अंक का विशेष लेख हमारे वैज्ञानिको की इसी सफलता को समर्पित है।