श्रीकृष्ण को समर्पित इस पुस्तक '56 भोग कृष्ण भजन माला' में मैंने भजन के माध्यम से करुण रस, शृंगार रस, शांत-रस, अद्भुत रस का समावेश करने का प्रयास किया है।
भजन हृदय की गहराइयों में उतर कर आपके कृष्ण प्रेम के प्रति भावों को छू पाएं ऐसी मेरी कामना है।
संगीत के क्षेत्र में एक अध्यापिका के पद पर 38 वर्ष के कार्यकाल के दौरान संगीत की लहरों पर कब कृष्ण भक्ति का रंग चढ़ता गया, कब बजते साजों की धुनों पर कृष्ण भजन छा गए, कृष्ण प्रेम का असर है।
56 भोग में कृष्ण को समर्पित 56 भजन हैं। सभी कृष्णभक्त यह भली प्रकार समझ जाएंगे कि 56 भोग उन्हें प्रिय है और उनको समर्पित किया जाता है इसलिए मैंने भी अपने प्रथम पुष्प-गुच्छ में 56 भजनों को समाहित किया है।
आपका प्यार कृष्ण पर विश्वास का प्रतीक होगा। इसी आशा के साथ ।
स्नेहप्रिय
रंजना मैनी
श्रीकृष्ण को समर्पित इस पुस्तक '56 भोग कृष्ण भजन माला' में मैंने भजन के माध्यम से करुण रस, शृंगार रस, शांत-रस, अद्भुत रस का समावेश करने का प्रयास किया है।
भजन हृदय की गहराइयों में उतर कर आपके कृष्ण प्रेम के प्रति भावों को छू पाएं ऐसी मेरी कामना है।
संगीत के क्षेत्र में एक अध्यापिका के पद पर 38 वर्ष के कार्यकाल के दौरान संगीत की लहरों पर कब कृष्ण भक्ति का रंग चढ़ता गया, कब बजते साजों की धुनों पर कृष्ण भजन छा गए, कृष्ण प्रेम का असर है।
56 भोग में कृष्ण को समर्पित 56 भजन हैं। सभी कृष्णभक्त यह भली प्रकार समझ जाएंगे कि 56 भोग उन्हें प्रिय है और उनको समर्पित किया जाता है इसलिए मैंने भी अपने प्रथम पुष्प-गुच्छ में 56 भजनों को समाहित किया है।
आपका प्यार कृष्ण पर विश्वास का प्रतीक होगा। इसी आशा के साथ ।
स्नेहप्रिय
रंजना मैनी