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Dwar Se Pare द्वार से परे
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Dwar Se Pare द्वार से परे

By: ANURADHA PRAKASHAN (??????? ??????? ?????? )
175.00

Single Issue

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About this issue

एक अत्यंत भावुक स्वाभिमानी और अपने स्वयम् की विचार रखने वाली बालिका के रूप में मेरा, मुझसे बाद में परिचय हुआ। मैंने अपने आपको विभिन्न कथा कहानियों में तलाशा और पहाड़ों के टूटे पत्थरों की तरह निरंतर आघात सहते हुए अपना एक पृथक, तृणवत् ही सही मुकाम बनाया। मैं खुद एक कहानी हूँ।
अज्ञेय ने कहानी की परिभाषा में कहा है "कहानी जीवन की प्रतिच्छाया है और जीवन स्वयम् एक अधूरी कहानी है एक शिक्षा है जो उम्रभर मिलती है और समाप्त नहीं होती है।"
अमेरिकी कवि आलोचक कथाकार 'एडगर एलिन पो' के अनुसार "कहानी वह छोटी आख्यानात्मक रचना है जिसे एक बैठक में पढ़ा जा सके जो पाठक पर एक समन्वित प्रभाव उत्पन्न करने के लिए लिखी गई हो, जिसमें उस प्रभाव को उत्पन्न करने में सहायक तत्वों के अतिरिक्त और कुछ न हो और जो अपने आप में पूर्ण हो।"
"कहानी (गल्प) एक रचना है जिसमें जीवन के किसी एक अंग या किसी एक मनोभाव को प्रदर्शित करना ही लेखक का उद्देश्य रहता है, उसके चरित्र उसकी शैली उसका कथा विन्यास सब उसी एक भाव की पुष्टि करते हैं।"

About Dwar Se Pare द्वार से परे

एक अत्यंत भावुक स्वाभिमानी और अपने स्वयम् की विचार रखने वाली बालिका के रूप में मेरा, मुझसे बाद में परिचय हुआ। मैंने अपने आपको विभिन्न कथा कहानियों में तलाशा और पहाड़ों के टूटे पत्थरों की तरह निरंतर आघात सहते हुए अपना एक पृथक, तृणवत् ही सही मुकाम बनाया। मैं खुद एक कहानी हूँ।
अज्ञेय ने कहानी की परिभाषा में कहा है "कहानी जीवन की प्रतिच्छाया है और जीवन स्वयम् एक अधूरी कहानी है एक शिक्षा है जो उम्रभर मिलती है और समाप्त नहीं होती है।"
अमेरिकी कवि आलोचक कथाकार 'एडगर एलिन पो' के अनुसार "कहानी वह छोटी आख्यानात्मक रचना है जिसे एक बैठक में पढ़ा जा सके जो पाठक पर एक समन्वित प्रभाव उत्पन्न करने के लिए लिखी गई हो, जिसमें उस प्रभाव को उत्पन्न करने में सहायक तत्वों के अतिरिक्त और कुछ न हो और जो अपने आप में पूर्ण हो।"
"कहानी (गल्प) एक रचना है जिसमें जीवन के किसी एक अंग या किसी एक मनोभाव को प्रदर्शित करना ही लेखक का उद्देश्य रहता है, उसके चरित्र उसकी शैली उसका कथा विन्यास सब उसी एक भाव की पुष्टि करते हैं।"