सचिन तेंदुलकर, धोनी जैसे खिलाड़ियों ने कभी पीछे मुड़कर नही देखा। आगे बढ़ चढ़कर अपने खेल के करतबों को दुनिया के समक्ष दिखाते रहे नये नये रिकार्ड बनाते रहे।

विचारों में छिपी ताकत अन्दरूनी शक्तियों को ओर ताकतवर बनाती हैं। लक्ष्य की खोज में जुझता मानव लक्ष्य को प्राप्त करने के लिये और संघर्षशील हो जाता है। इसलिये अन्दर की दुनिया का संचालन करने के लिये नयी योजनाओं और विचारों की जरूरत है। यह पुस्तक हाथ में देते हुए अति हर्ष हो रहा है कि यह चहूँ और के वातावरण को आपके समक्ष प्रस्तुत करने में सक्षम है।
हाथ में आया धन तो जा भी सकता है एक दिन ज्ञान धन यदि पा जाये तो यह रहता है पास हर दिन ।
किसी ने कहा है "आगे बढ़ना है तो पीछे मत हटो" आगे ही आगे अग्रसर होते हुये मंजिल तक पहुँचना है सकारात्मक सोच जैसे आशावादी वातावरण बनाती है नकारात्मक सोच मानव को निराशा में डुबोती है। आशावादी बनकर करतल बद्ध कर हरि स्मरण करते हुये अपने काम में कोई बाधा भी आती है तो उसे दूर करने का हर संभव प्रयत्न करते हुये काम को करते ही जाना है सफलता अवश्य मिलेगा। नरेन्द्र मोदी जैसे नेता अपने जीवन में कभी हार नहीं मानते। हर छोटे से छोटे कार्य को करने के लिये सदा तत्पर रहते हैं।
सचिन तेंदुलकर, धोनी जैसे खिलाड़ियों ने कभी पीछे मुड़कर नही देखा। आगे बढ़ चढ़कर अपने खेल के करतबों को दुनिया के समक्ष दिखाते रहे नये नये रिकार्ड बनाते रहे।

"> Suvicharo ka sagar सुविचारों का सागर, Sat Jan 20, 2024 :readwhere सचिन तेंदुलकर, धोनी जैसे खिलाड़ियों ने कभी पीछे मुड़कर नही देखा। आगे बढ़ चढ़कर अपने खेल के करतबों को दुनिया के समक्ष दिखाते रहे नये नये रिकार्ड बनाते रहे।

विचारों में छिपी ताकत अन्दरूनी शक्तियों को ओर ताकतवर बनाती हैं। लक्ष्य की खोज में जुझता मानव लक्ष्य को प्राप्त करने के लिये और संघर्षशील हो जाता है। इसलिये अन्दर की दुनिया का संचालन करने के लिये नयी योजनाओं और विचारों की जरूरत है। यह पुस्तक हाथ में देते हुए अति हर्ष हो रहा है कि यह चहूँ और के वातावरण को आपके समक्ष प्रस्तुत करने में सक्षम है।
हाथ में आया धन तो जा भी सकता है एक दिन ज्ञान धन यदि पा जाये तो यह रहता है पास हर दिन ।
किसी ने कहा है "आगे बढ़ना है तो पीछे मत हटो" आगे ही आगे अग्रसर होते हुये मंजिल तक पहुँचना है सकारात्मक सोच जैसे आशावादी वातावरण बनाती है नकारात्मक सोच मानव को निराशा में डुबोती है। आशावादी बनकर करतल बद्ध कर हरि स्मरण करते हुये अपने काम में कोई बाधा भी आती है तो उसे दूर करने का हर संभव प्रयत्न करते हुये काम को करते ही जाना है सफलता अवश्य मिलेगा। नरेन्द्र मोदी जैसे नेता अपने जीवन में कभी हार नहीं मानते। हर छोटे से छोटे कार्य को करने के लिये सदा तत्पर रहते हैं।
सचिन तेंदुलकर, धोनी जैसे खिलाड़ियों ने कभी पीछे मुड़कर नही देखा। आगे बढ़ चढ़कर अपने खेल के करतबों को दुनिया के समक्ष दिखाते रहे नये नये रिकार्ड बनाते रहे।

">
> <
>
<
Show us some love | Share