pstrongहिन्द की डोर हिन्दीstrongp
pउभरते और सशक्त भारत ने विश्व भर में रह रहे भारतवंशियों में भी नए उत्साह और आत्मविश्वास का संचार किया है। फिजी में हुए 12वें विश्व हिन्दी सम्मेलन में यही बात उभर कर सामने आई । हिन्दी का तकनीक के साथ समागम उसे वैश्विक भाषा के रुप में स्थापित करने का माध्यम बने और भारतवंशी औपनिवेशिक ग्रंथि को पीछे छोड़कर अपनी संस्कृति को पुन: स्थापित करे-यह सम्मेलन का संकल्प रहाp