Stock Market Complete Course in Hindi
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  • Language - Hindi
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Basic To Advance Economy Analysis Technical Analysis Fundamental Analysis Money Management Trading Psychology Trading Plan / System / Strategy Case Study Learn everything about indian capital markets in hindi with 100% moneyback guarentee. शेअर मार्केट कोर्स यानि सिर्फ शेअर मार्केट के बारे में बता देने भर से सम्पूर्ण नहीं बन जाता | हमें ये देखना होगा की शेअर मार्केट को समझने के लिए या फिर शेअर मार्केट से मुनाफा कमाने के लिए वो सब कुछ जानना होगा जो हर प्रोफेशनल ट्रेडर जानता है | बेसिक से एडवांस : भारतवर्ष में जितने भी मार्केट्स है उन सभी की सामान्य जानकारी जैसे की वे क्यों अस्तित्व में आये ? कैसे काम करते है ? आम निवेशक से जुडी हर जानकारी और जब एक निवेशक ट्रेडर बन जाते है तब उन्हें जिन जानकरियों की जरुरत है वह सब जानकारी पहले दी जाती है | उदा. कंपनी कैसे लिस्ट होती है ? कोर्पोरेट एक्टिविटी क्या होती है ? शेअर्स, कमोडिटी, फ्यूचर और ऑप्शन, करंसी मार्केट क्या है और कैसे काम करता है? टैक्स या पेनाल्टी कितनी और कैसे होती है ?   इकोनॉमी अनालिसिस : अगर आप न्यूज चैनल देखते है तो कई बार ऐसे ब्रेकिंग न्यूज भी देखते होंगे जिसका सीधा सम्बन्ध आपको समझ में नहीं आया हो – जैसे की मोनेटरी पालिसी, आय आय पि आंकड़े, इन्फ्लेशन [महंगाई] दर के आंकड़े, या जीडीपि ग्रोथ अनुमान .. ऐसे कई बातें है जो भारतीय बाजारों पे प्रभाव डालती है उन सभी बातों को इकॉनोमी अनालिसिस में सम्पूर्णत: सिखाया जाता है |   टेक्निकल अनालिसिस : जैसा की आप जानते है की हर एक्सपर्ट, ब्रोकर, फंड मैनेजर या एच एन आई टेक्नीकल अनालिसिस के आधार पर ही शेअर, कमोडिटी या करंसी को किस लेवल पर ट्रेड करना चाहिए इस बात का निर्णय लेता है | तो आपको भी टेक्नीकल अनालिसिस सम्पूर्णत: सिखाया जाता है जिसमें – कैंडलस्टिक चार्ट, सभी महत्त्वपूर्ण इंडिकेटर्स, चार्ट पैटर्न्स, कॉमन पिटफाल्स, थियारिज और ट्रेडिंग सिस्टम शामिल है |   फंडामेंटल एनालिसिस : फंडामेंटल अनालिसिस विषय को काफी मुश्किल समझा जाता है खास कर वो निवेशक जो फायनांस स्ट्रीम से नहीं है | पर अगर गौर किया जाए तो फंडामेंटल अनालिसिस करने के लिए आपको केवल बेसिक गणितीय जानकारी की ही आवश्यकता होती है | फंडामेंटल अनालिसिस में आप अन्युअल रिपोर्ट पढना, फ़ाय्नान्शिअल रेश्यो निकलना, बिजनेस मोडल समजना और कंपनी का वैल्युएशन करना सिख जायेंगे जिससे आप कंपनी के भविष्य का अनुमान निकल सकते है और सही कीमत पर शेअर में निवेश कर सकते है |   मनी मैनेजमेंट : डायवर्सिफिकेशन शब्द का मतलब यह है की आपका जितना भी निवेश है उसे इस तरह निवेशित किया जाए की एक बैलेंस्ड रिटर्न मिल सके | और ये कैसे किया जाता है वह हम उदाहरन सहित आपको बताएँगे | सामान्यत: ट्रेडर्स रिवेंज ट्रेडिंग, इमोशनल ट्रेडिंग, न्यूज आधारित शेअर्स, एक ही सेक्टर के कई शेअर या सेक्टर के बुरे शेअर में निवेश कर देते है और इस वजह से वे इतना बड़ा नुकसान उठाते है जितने की उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की होती | मनी मैनेजमेंट में आप यही सीखेंगे की एक सफल ट्रेड कैसे लिया जाए जिसका रिक्स कैल्युलेटेड हो | और अपने निवेश को प्रोफेशनल तरीके से कैसे डाय्वार्सिफाई किया जाए |   ट्रेडिंग सायकॉलॉजी : क्या आपने कभी गौर किया है की आप लो पे सेल करते है और हाई पे बाय करते है और जब मार्केट सिमित दायरे में होता है तब आप फंसे हुए ही होते है किसी न किसि शेअर में ? ऐसा क्यों होता है और अगर होता है मुझे कैसे पता है ? जो भी आम निवेशक करते है उसकी जानकरी मार्केट को पहले से होती है इसे सेंटिमेंट सायकल कहते है जिसे आपको विस्तार से बताया जाएगा और साथ ही साथ ट्रेडिंग में भावनाओं का कैसे मुनाफे के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है या भी सिखाया जाएगा |   ट्रेडिंग स्ट्रेटिजी और सिस्टम : ट्रेडिंग तभी की जानी चाहिए जब आपके पास हर परिस्थिति से निपटने का प्रबंध पहले से ही किया हुवा हो | जिसे ट्रेडिंग स्ट्रेटिजी कहते है और ये कई तरह की होती हैं | कोर्स में आपको उदाहरन सहित बताया जाएगा की किस स्ट्रेटिजी को किन परिस्थितियों में इस्तेमाल कर सकते है | अगर आप एक ऐसा सिस्टम चाहते है जो एक सुव्यवस्थित ट्रेडिंग कॉल दें तो ऐसे सिस्टम को कैसे बनाया जाए और चार्ट पर अप्लाई किया जाये आप सिख जायेगे |   ट्रेडिंग के रूल्स और फैक्ट्स : आपने सुना होगा की ट्रेडिंग में डिसिप्लिन की जरुरत होती है और यह डिसिप्लिन है क्या और कैसे अनुशाषित रहा जाए | ट्रेडिंग करने के कुछ रुल है कुछ सिद्धांत है जिन्हें आप इस कोर्स के दौरान सीखेंगे साथ ही कुछ ऐसे फैक्ट्स होते है जिन्हें आप अपने फायदे के लिए इस्तेमाल कर सकते है |   केस स्टडी : हर विषय को सिखने के बाद हम रियल चार्ट पर उनकी स्टडी करते है जिससे फायदा ये होगा की जब आप इन जानकरियों के आधार पर कॉल निकलते है तब आप खुद ये जान सकते है की कौनसा टेक्नीकल सब्जेक्ट सबसे ज्यादा कारगर है जिसे आपको और गहराई से सीखना चाहिए |